Chaitra Navratri 2022 – चैत्र नवरात्रि से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारी

by Vinay Bajrangi

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Chaitra Navratri 2022 – चैत्र नवरात्रि से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारी

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Chaitra Navratri: भारत वर्ष में चैत्र महीने का अपने विशेष महत्व है। इसी महीने में बहुत सारे व्रत-त्योहार मनाए जाते हैं। चैत्र महीने में ही सम्पूर्ण भारत देश में मनाया जाने वाला चैत्र महीने की नवरात्रि पर्व का प्रारम्भ होता है। शुक्‍ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के दिन से नवरात्रि की शुरुआत होती हैं और इसी दिन घट स्‍थापना भी की जाती है। इस दिन से ही हिन्दुओं के नववर्ष की शुरुआत होती है। हिंदू पंचांग/Hindu Panchang के अनुसार चैत्र का महीना साल का पहला माह होता है। हिन्दू शास्त्रों के अनुसार भगवान ब्रह्मा ने चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से ही सृष्टि की रचना प्रारम्भ की थी। वहीं चैत्र महीने से ही नए संवत का भी प्रारंभ हो जाता है और 1 अप्रैल 2022 में अमावस्या के साथ संवत 2028 समाप्त हो जाएगा इसके बाद चैत्र नवरात्रि के साथ संवत 2029 शुरू होगा। चैत्र माह में कई प्रमुख व्रत-त्योहार पड़ रहे हैं। इस माह चैत्र नवरात्रि के अलावा गुड़ी पड़वा, राम नवमी, एकादशी सहित सभी महत्वपूर्ण त्योहार आ रहे हैं।

आइये विस्तार से जानते चैत्र नवरात्रि के बारे में,

चैत्र नवरात्रि कब है? यह क्यों मनाई जाती हैं? इसका क्या महत्व है? घट स्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है? वर्ष 2022 में 8 दिन के नवरात्रे हैं या 9 दिन के?

 

चैत्र नवरात्रि क्या होती है?

जैसा की हम सभी जानते हैं, चैत्र का महीना प्रारम्भ हो चुका है। हिंदू मान्यता के अनुसार यह हिन्दू नव वर्ष का पहला महीना होता है। इसी महीने में नवरात्रि के शुभ दिन भी आते हैं, जिन्‍हें चैत्र नवरात्रि के नाम से जाना जाता है। पूरे साल में 4 बार नवरात्रि आती हैं, और चैत्र नवरात्री पहली नवरात्रि होती है। यह त्यौहार माँ दुर्गा को समर्पित है।

इन 9 दिनों के दौरान हम मां दुर्गा के 9 स्‍वरूपों की पूजा करते हैं। 9 दिन तक चलने वाले इस नवरात्री पर्व की शुरुआत घट स्‍थापना से की जाती है और अष्टमी/नवमी तिथि पर कन्या पूजन के बाद व्रत खोला जाता है। मां दुर्गा के भक्त चैत्र नवरात्रि के सभी 9 दिनों तक उपवास रखते है और पूजा व साधना करते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार साल की सभी 4 नवरात्रियो में चैत्र नवरात्रि विशेष है। हिन्दू धर्म में, मां दुर्गा को सौभाग्य, वैभव, सुख व समृद्धि का द्योतक माना गया है। जिस भी व्यक्ति को माँ दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त हो जाये उसके घर में धन की कभी कमी नहीं होती।

 

चैत्र नवरात्रि कब है?

इस साल चैत्र नवरात्रि का महापर्व 2 अप्रैल 2022 से लेकर 11 अप्रैल 2022 तक मनाया जायेगा।

 

 

चैत्र प्रतिपदा तिथि 2022

प्रतिपदा तिथि का आरम्भ : 01 अप्रैल,2022 सुबह 11 बजकर 54  मिनट

प्रतिपदा तिथि की समाप्ति : 02 अप्रैल,2022 सुबह 11 बजकर 57 मिनट

चैत्र घटस्थापना का शुभ मुहूर्त 02 अप्रैल 2022 6:22 a.m. से 8:31 p.m.

घटस्थापना का अभिजीत मुहूर्त: 12:08 p.m. से 12:57 p.m. (दोपहर)

 

नव रात्रि के नौ दिनों का महत्व

हिन्दू मान्यताओं के अनुसार नवरात्री के इन्हीं नौ दिनों में मां दुर्गा धरती पर आती है।  धरती को उनका मायका कहा जाता है और उनके धरती पर आने की खुशी में इन दिनों को दुर्गा उत्सव के तौर पर देशभर में धूमधाम से बनाया जाता है। भक्त जन नवरात्रि के पहले ही दिन कलश स्थापना कर इन नौ दिनों तक व्रत-उपवास व पूजा अर्चना करते हैं। मान्यता है कि नौ दिनों तक भक्तिभाव से मां दुर्गा की पूजा करने से वह प्रसन्न होकर भक्तों के सभी कष्ट हर लेती हैं।

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कलश को भगवान विष्‍णु स्वरूप माना गया है

नवरात्रि में कलश स्‍थापना या घट स्‍थापना का अत्यंत महत्‍व है। इस स्थापित कलश की नौ दिन तक पूजा होती है, अखंड ज्योत की स्थापना की जाती है। नवरात्रि के कलश को भगवान विष्णु का स्वरुप माना गया है। इसी कारण से मां दुर्गा की पूजा से पहले कलश का पूजन किया जाता है। कलश स्‍थापना के समय सभी देवी-देवताओं का आहवाहन किया जाता है और उन्हें कलश के रूप में स्थापित होने का निमंत्रण दिया जाता है। कलश स्थापना के साथ ही 9 दिन के नवरात्रि व्रत की शुरुआत हो जाती है।

घटस्थापना करने की विधि

चैत्र नवरात्रि के दिन सुबह उठकर स्नान आदि करके साफ वस्त्र पहननें चाहिए। उसके बाद मंदिर की साफ-सफाई करके गंगाजल छिड़का जाता है। मंदिर में लाल कपड़ा बिछाकर उस पर थोड़े चावल रख दें। मिट्टी के पात्र में जौ को बो दें और इस पात्र पर ही जल से भरा हुआ कलश स्थापित करें। कलश के चारों ओर अंदर अशोक के पत्ते लगाएं और स्वास्तिक बनाएं। फिर इस कलश में साबुत सुपारी, सिक्का और चावल डालें। इसके बाद एक नारियल लें लें और उस पर लाल चुनरी लपेटकर कलावा बांध दे।  इसके बाद इस नारियल को कलश के ऊपर स्थापित करें और माँ दुर्गा का आहवाहन करें। फिर घी का दीपक जलाकर कलश का पूजन करें। यह ध्यान रखने योग्य है की कलश स्टील या अन्य अशुद्ध धातु का नहीं बना होना चाहिए। सोना, चांदी, तांबा, पीतल, और मिट्टी का घड़ा कलश के लिए काफी शुभ माना गया है।

चैत्र नवरात्रि के लिए पूजा सामग्री:

1-मिट्टी का कलश

2-मिट्टी

3-सात- अनाज

4-गंगाजल

5-मोली या कलावा

6-सुपारी

7-आम या अशोक के पत्ते

8-चावल

9-जटा वाला नारियल

10- लाल कपड़ा

11-फूल माला और फूल

12- फल, मिठाई

13- जौ

देवी दुर्गा के नौ स्वरूप

नवरात्रि के 9 दिनों तक देवी दुर्गा के 9 अलग-अलग स्वरूपों का पूजन किया जाता है। इनके नाम इस प्रकार हैं-

1- शैलपुत्री

2- ब्रह्मचारिणी

3- चंद्रघंटा

4- कूष्मांडा

5- स्कंदमाता

6- कात्यायनी

7- कालरात्रि

8- मां महागौरी

9- मां सिद्धिदात्री

 

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साल 2022 में घोड़े पर सवार होकर पधारेंगी मां दुर्गा

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार प्रत्येक नवरात्रि, मां दुर्गा पृथ्वी पर अलग-अलग वाहनों पर सवार होकर आती हैं जिसका अपना विशेष महत्व होता है। मां दुर्गा के वाहन का निर्धारण वार के अनुसार होता है। इस बार चैत्र नवरात्रि शनिवार से शुरू हो रहे हैं तो देवी दुर्गा का वाहन घोड़ा रहेगा जिस पर सवार हो वे पृथ्वी पर आएंगी।

नवरात्रि पर आधारित पौराणिक कथा

नवरात्रि मनाए जाने के पीछे दो पौराणिक कथाएं प्रचलित है। पहली कथा के अनुसार महिषासुर नाम का एक राक्षस ब्रह्मा जी को प्रसन्न कर उनसे वरदान मांगता है कि इस संसार में कोई भी देव, दानव या धरती पर रहने वाला कोई भी मानव उसका वध न कर सके। इस वरदान को पाने के ​बाद महिषासुर पूरे संसार में त्रासदी मचाने लग जाता है।  उसके आतंक को रोकने के लिए महाशक्ति स्वरुप मां दुर्गा जी को पृथ्वी पर जन्म लेना पड़ता है। मां दुर्गा और महिषासुर के बीच नौ दिनों तक भीषण युद्ध चलता है और अंत में दसवें दिन दुर्गा मां, महिषासुर का वध कर देती हैं।

दूसरी कथा के अनुसार जब भगवान राम लंका पर आक्रमण करने जाते हैं तो जाने से पहले वे मां भगवती की आराधना करते हैं।  भगवान राम, नवरात्री के नौ दिनों तक रामेश्वरम में माँ भगवती का पूजन करते हैं। उनकी श्रद्धा से प्रसन्न होकर माँ ने भगवान् राम को जीत का आर्शीवाद दिया था। दसवें दिन श्री राम ने रावण को मारकर लंका पर जीत का परचम लहराया था। इस दिन को विजयदशमी के त्योहार/Dussehra Festival के रूप में मनाया जाता है।

महाअष्टमी 2022 में कब है?

चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 02 अप्रैल से हो रही है और 09 अप्रैल 2022, शनिवार को महाअष्टमी का पर्व मनाया जायेगा। इस दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी माँ की पूजा की जाती है.

 

 

जानें 8 या 9 कितने दिन के होंगे 2022 के चैत्र नवरात्रि

हर साल एक नवरात्रि/Navratri घट या बढ़ जाता है और इसी के आधार पर शुभ और अशुभ परिणाम का निर्धारण किया जाता है। इस साल चैत्र नवरात्रि 02 अप्रैल से लेकर 11 अप्रैल 2022 तक चलेंगे। ऐसे में चैत्र नवरात्रि/Chaitra Navratri पूरे नौ दिन मनाए जाएंगे जो अत्यंत शुभ है। इस साल किसी भी तिथि का क्षय नहीं हो रहा है। तिथि का घटना अशुभ माना जाता है।

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