Rahu Ketu Mahadasha – राहु-केतु के प्रभाव से बचाएगा आपको ये उपाय

by Vinay Bajrangi

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Rahu Ketu Mahadasha – राहु-केतु के प्रभाव से बचाएगा आपको ये उपाय

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Rahu-Ketu Dasha: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रह और नक्षत्र बहुत अधिक महत्व रखते हैं। किसी के भी जीवन में कुछ भी घटित होता है, उसका कारण ग्रहों की स्थिति होती है। अच्छे और बुरे, दोनों प्रकार प्रभाव देखने को मिलते हैं। अनुकूल ग्रह स्थिति आपको फर्श से अर्श तक पहुंचा सकती है और वहीं प्रतिकूल ग्रह स्थिति आपको आसमान से नीचे भी गिरा सकती है। इन्ही ग्रहों में दो ग्रह आते हैं – राहु और केतु, जिनका नाम सुन अकसर लोगों को डर लगने लगता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इन ग्रहों के अशुभ प्रभावों के कारण मानव जीवन में बहुत सारी परेशानियां खड़ी हो सकती हैं। तो आइए जानते हैं किन ज्योतिष उपायों द्वारा कुंडली में राहु-केतु/Rahu Ketu Dasha की स्थिति को मजबूत कर सकते हैं.

राहु के दुष्प्रभाव को कम करने के उपाय

राहु एक छाया ग्रह माना गया है, लेकिन भगवान शिव के आशीर्वाद से इसके दुष्प्रभाव से छुटकारा मिल सकता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शिवलिंग पर जलाभिषेक करके रोजाना ओम नमः शिवाय मंत्र का जाप और शिव चालीसा का पाठ करने से आपको राहु के दुष्प्रभाव से छुटकारा मिल सकता है। कुछ ज्योतिषी राहु को मजबूत करने के लिए सरसों, उड़द दाल, राई और गर्म कपड़े आदि चीजों का शनिवार के दिन दान करने का उपाय बताते हैं।

आपके कार्यों में बार-बार आ रही अड़चनों को दूर करने और राहु ग्रह को मजबूत करने के लिए शनिवार के दिन काले कुत्ते को मीठी रोटियां खिलाना भी शुभ माना जाता है। राहु के बीज मंत्र ‘ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः’ का रोजाना एक माला जाप करने से भी काफी सकारात्मक परिणाम मिले लगते हैं।

 

केतु के दुष्प्रभाव को कम करने के उपाय

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिन लोगों की कुंडली में केतु ग्रह/Ketu in Kundli की स्थिति खराब होती है, उन्हें 18 शनिवार तक व्रत रखना और पीपल के पेड़ के नीचे घी का दीपक जलाना चाहिए। इससे बेहतर परिणाम मिलने लगेंगे। किसी विद्वान या ज्योतिषी की सलाह से लहसुनिया रत्न को धारण करना केतु दोष/Ketu Mahadasha का निवारण कर सकता है। लेकिन यदि लहसुनिया रत्न पहनना संभव न हो, तो इसके उपरत्न यानी संघीय या गोदंत को भी धारण कर सकते हैं।

केतु के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए काजल, मूली, तेल आदि वस्तुओं का दान करना फलदायी हो सकता है। लेकिन ध्यान रखें कि रविवार के दिन ही इन चीजों का दान करें।

 

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यह सब उपाय प्रभावकारी ज़रूर हैं, लेकिन इसका पालन करने के लिए आपको एक वैदिक ज्योतिषी की सलाह की आवश्यकता है। बिना उनके सलाह के कोई उपाय न करें।

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